प्रलोभन एक तेज आँधी …

प्रलोभन एक तेज आँधी के समान है, जो मजबूत चरित्र को भी, यदि वह सतर्क न रहे, तो गिराने की शक्ति रखता है। जो व्यक्ति सदैव जागरूक रहता है, वह ही संसार के नाना प्रलोभनों,आकर्षकों,मिथ्या दम्भ,दिखावा से
मुक्त रह सकता है। यदि एक बार आप प्रलोभन और वासना के शिकार हुए तो वर्षों उसके
प्रायक्ष्चित करने में लग जायेंगे।

युवाओं में प्रचंड उर्जा…

सभी का एक मत हैं की युवाओं में प्रचंड उर्जा है भले ही आज वह दिशाहीनता की वजह से बिखर रही है। आज के राष्ट्रीय एंव सामाजिक परिवेश में युवशक्ति से ही यह उपेक्षा की जा सकती है कि
वह राष्ट्र को इस विकट स्थिति से उबारकर इसमें नयी चेतन का संचार कर सकेंगे ।

सदाचारी और कर्तव्यपरायण व्यक्ति को…..

संस्कारित , सदाचारी और कर्तव्यपरायण व्यक्ति को ईश्वर
भी बहुत प्यार करता है और हर प्रकार से उसकी सहायता करता रहता है । प्रत्यक्षतः वह
भले ही दिखाई न दे । पर न जाने किस – किस रूप में वह आपकी सहायता के साधन जुटा
देता है ।

जो अपने को मनुष्य बनाने में सफल …..

जो अपने को मनुष्य बनाने में सफल हो जाता हैं उसे हर काम
में सफलता मिल सकती है । ऐसा  व्यक्ति अपनी
अवश्यकताओं को कम से कम रखता है और हर हल में प्रसन्न रहता है ।

देशभक्तों की गाथाओं से भारतीय इतिहास के पृष्ठ…

मातृभुमि के सम्मान एवं उसकी आजादी के लिये असंख्य वीरों ने अपने जीवन की आहूति दी थी। देशभक्तों की गाथाओं से भारतीय इतिहास के पृष्ठ भरे हुए हैं। देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हजारों की संख्या में भारत माता के वीर सपूतों ने, भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अपना सर्वस्य न्योछावर कर दिया था। ऐसे ही महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के परिणाम स्वरूप हमारा देश, गणतान्त्रिक देश हो सका।
गणतन्त्र दिवस की आप सबको बधाई.

मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं है…

मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं है , वह उनका निर्माता , नियंत्रणकर्ता और स्वामी है । जो विपरीत
परिस्थितियों में भी ईमान , साहस और धैर्य को कायम रख सके वस्तुतः वही सच्चा शूरवीर होता है ।

स्वंय को जीवन–संग्राम के लिए तैयार रखना चाहिए…

जिस प्रकार एक सैनिक सतत अभ्यास के दवारा युद्ध के लिए स्वंय को सदैव तैयार रखता है, चाहे युद्ध की संभावना हो या न हो। उसी
प्रकार हमें स्वंय को जीवन–संग्राम के लिए तैयार रखना चाहिए।

अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए…

अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए , मार्ग में आने वाले अवरोधों पर विजय पाने के लिए साधना , संयम , स्वाध्याय और सेवा का अभ्यास करें।